उत्तर प्रदेश में गन्ना व चीनी उद्योग के भविष्य पर चर्चा के लिए 21-22 मई 2026 को लखनऊ में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है। यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन और ग्रीनटेक, कानपुर के संयुक्त तत्वाधान में कानपुर रोड स्थित रामादा होटल में होने वाली इस संगोष्ठी का विषय है ‘चीनी उद्योग के विकासोन्मुख भविष्य की तैयारी’।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के पूर्व निदेशक प्रोफेसर नरेंद्र मोहन ने बताया कि संगोष्ठी का उद्घाटन 21 मई सुबह 10 बजे होगा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार की अपर मुख्य सचिव गन्ना विकास व चीनी उद्योग वीना कुमारी होंगी। उन्होंने बताया कि पहले दिन उद्घाटन के बाद चार सत्रों में विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। दूसरे दिन तीन सत्र आयोजित किए जाएंगे। संगोष्ठी में भारत सहित विदेशों के विशेषज्ञ और विद्वान अपने विचार रखेंगे। कार्यक्रम में लगभग 10 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेने आ रहे हैं। इस मौके पर संगोष्ठी के साथ-साथ नई प्रौद्योगिकियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें कृषि संयंत्र और बायो-प्लास्टिक्स संबंधी उत्पाद भी दिखाए जाएंगे।
लक्ष्य से काफी पीछे रह गया चीनी निर्यात
पत्रकारों से बात करते हुए नरेंद्र मोहन ने कहा कि बीते सत्र में 20 लाख टन चीनी के निर्यात का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन केवल 7 लाख टन चीनी का निर्यात हो सका। उन्होंने बताया कि देश में चीनी की कुल खपत 275 से 280 लख टन है। इसके बाद जो एक्सेस चीनी बचती है उसका इस्तेमाल एथनॉल के लिए किया जाता है और उसके बाद भी चीनी बचती है तो उसे निर्यात किया जाता है। पिछले सत्र में उत्पादन कम रहा, जिसकी वजह से 20 के स्थान पर केवल 7 लाख टन ही चीनी का निर्यात हो सका। निर्यात पर रोक लगने के बाद इस बार ये आंकड़ा और भी कम हो जाएगा, जिससे चीनी के दाम घट सकते हैं।
