By - Monu Kumar
भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर यह है कि अमेरिकी व्यापार कानून के 'सेक्शन 301' के तहत भारत पर 12.5% की भारी-भरकम दर के बजाय केवल 10% का टैरिफ लगाया गया है।
अमेरिका ने जबरन श्रम (Forced Labor) के मुद्दे पर भारत समेत दुनिया की 60 अर्थव्यवस्थाओं पर नए कड़े आयात शुल्क (Tariffs) लगाने की घोषणा कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े निर्देशों पर काम करते हुए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने यह बड़ा फैसला लिया है।
अमेरिकी कानून का 'सेक्शन 301
यह पूरा मामला अमेरिका के व्यापार अधिनियम 1974 (Trade Act of 1974) से जुड़ा है। इस साल 12 मार्च 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप के सीधे निर्देश पर USTR ने भारत समेत 60 देशों के खिलाफ जांच शुरू की थी। जांच का कारण यह था कि ये देश अपने यहाँ 'जबरन श्रम' से बनने वाले सामानों के आयात को रोकने और कड़े कानून बनाने में असफल रहे थे।
शुरुआत में माना जा रहा था कि भारत को भी इस जांच के बाद 12.5% की उच्च टैरिफ श्रेणी में डाल दिया जाएगा, जिससे अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान बहुत महंगे हो जाते। लेकिन भारतीय अधिकारियों ने इस संकट को भांपते हुए अमेरिका के साथ बेहद रचनात्मक और सकारात्मक बातचीत शुरू की।
इस द्विपक्षीय बातचीत में मुख्य फोकस भारत में श्रम मानकों और प्रथाओं को लेकर किए जा रहे सुधारों पर था। इस कूटनीतिक और व्यापारिक सूझबूझ का ही नतीजा रहा कि अमेरिकी प्रशासन ने भारत की दलीलों को स्वीकार किया और भारत को राहत देते हुए कम यानी 10% वाली टैरिफ श्रेणी में रख दिया।